Home देश मोदी सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के खिलाफ इंसाफ मंच व किसान महासभा ने निकाला ट्रैक्टर मार्च

मोदी सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के खिलाफ इंसाफ मंच व किसान महासभा ने निकाला ट्रैक्टर मार्च

मोदी सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के खिलाफ इंसाफ मंच व किसान महासभा ने निकाला ट्रैक्टर मार्च

दरभंगा | संदीप कुमार | “गांव-शहर से आई आवाज़, किसान विरोधी कृषि कानूनों को रद्द करो,” मोदी सरकार कॉरपोरेट घरानों से यारी-किसानों से गद्दारी बंद करो” नारों के साथ अखिल भारतीय किसान महासभा और इंसाफ मंच के बैनर तले सैकड़ों ट्रैक्टरों का मार्च इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद, भाकपा(माले) राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार, इंसाफ मंच के मो. जमशेद, मनोज पासवान, अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता कोमलकांत यादव, रंजीत यादव, मो. मन्नत, आइसा के जिला अध्यक्ष प्रिंस कर्ण, आइसा के जिला सचिव विशाल मांझी, इनौस के जिलाध्यक्ष केशरी यादव, आइसा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संदीप कुमार आदि के नेतृत्व में लक्की ट्रेडर्स, बाजार समिति चौक (एनएच 57) से निकाला गया जो, बाजार समिति, शिवधारा, कैदराबाद,डब्लूआईटी, रामबाग,हसनचौक, भोगेन्द्र झा चौक होते हुए विश्वविद्यालय परिसर स्थित जनकवि नागार्जुन और संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण कर किसान आंदोलन को मजबूत करने व मोदी सरकार द्वारा लोकतंत्र व संविधान पर हो रहे हमले से मुकाबला करने का संकल्प लिया गया।

छात्र संगठन आइसा के कार्यकताओं ने  ट्रैक्टर मार्च का विवि परिसर में भव्य स्वागत किया और परेड में शामिल किसानों को जलपान भी करा अपनी एकजुटता प्रदर्शित किया। माल्यार्पण के बाद  कोमलकांत यादव की अध्यक्षता में आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए इंसाफ मंच के राज्य उपाध्यक्ष नेयाज अहमद ने कहा कि इन तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब से शुरू हुआ आंदोलन आज पूरे देश का आंदोलन बन चुका है.किसान आंदोलन में अबतक  150 से अधिक किसानों ने अपनी जान गवां दिया हैं लेकिन इस कड़ाके के ठंड में दिल्ली की सीमा पर डटे हुए हैं।  

किसानों का यह आंदोलन केवल खेती नहीं बल्कि देश की आज़ादी बचाने की लड़ाई बन चुका हैं।  मेहनतकाश जनता की कमाई से सेठों की थैली भरने वाली सरकार को इस आंदोलन के आगे झुकना ही होगा. उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए आज दिल्ली में किसानों के ट्रेक्टर परेड पर मोदी सरकार के दमनात्मक कार्रवाई पर आक्रोश का इजहार किया।

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार ने कहा कि लोक कल्याणकारी राज्य व्यवस्था में अब आम लोगों की थाली से रोटी छीनी जा रही है और चहेते पूंजीपतियों की तिजोरी भरी जा रही है. तीनों कृषि कानून अगर लागू हो गया तो जनवितरण प्रणाली की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और आम-अवाम की थाली से भोजन छीन जाएगा. उन्होंने किसान आंदोलन के समर्थन में गांधी जी के शहादत  दिवस 30 जनवरी 2021 पर आयोजित विशाल मानव श्रृंखला को सफल बनाने का भी आह्वान किया।सभा को संबोधित करते हुए आइसा के राज्य सह सचिव संदीप कुमार चौधरी ने कहां कि देश की खेती-किसानी को बचाने के लिए किसानों के आन्दोलनों के साथ छात्र-नौजवानों को आगे आना होगा, वर्तमान समय मे मोदी सरकार के द्वारा किसानों की जमीन पर सरकार के चहेते पूंजीपतियों को कब्ज़ा दिलाया जा रहा है।
किसानों ने इस नई कंपनी राज के  खिलाफ जन आंदोलन खड़ा कर दिया है. कॉरपोरेट घरानों की गुलामी के खिलाफ लड़ रहे हैं. इसलिए हम सबका आंदोलन है. इसे मिलकर लड़ना और जीतना ही होगा।

कार्यक्रम में आइसा नेता मयंक यादव, गोलू सिंह, सबा रौशनी, इंसाफ मंच से मो. सुल्तान, मो. अफताप, मो. नेयाज, मो. सहजाद, मो.मन्नत, किसान नेता मिथलेश पासवान , केशरी यादव, संजय यादव, उमेश साह सहित सैकड़ों नेता कार्यकर्ता शामिल थे। ट्रैक्टर मार्च  फिर वहां से  निकलकर  कटहलबाड़ी, बस स्टैंड होते हुए पुनः लक्की ट्रेड्स बाजार समिति पर आकर सपन्न हुआ।