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मौत को दावत दे रहा है भोजपुर के गड़हनी बनास नदी पर बना पूल,लोगो मे आक्रोश

गड़हनी (भोजपुर) | सरकार तो बदली पर नहीं हुआ बनास नदी पुल का कायाकल्प।समय बीतता गया जनप्रतिनिधि बदलते गए लेकिन गड़हनी का बनास नदी पुल की सूरत नहीं बदली।तारणहार की प्रतीक्षा करते करते अब अपनी अंतिम साँसे गिन रहा है।जनप्रतिनिधियों एवं सरकारी उपेक्षा का शिकार बनास नदी पुल नही है किसी का ध्यान,जान हथेली पर रख पुल पार करते है ग्रामीण।जी हाँ भोजपुर के गड़हनी बनास नदी पर सन 1996 में ग्रामीणों के सहयोग से  बना यह पुल आज लोगों के लिए खतरा साबित हो रहा है।1996 के पूर्व ग्रामीणों ने चंदा कर पाया ढालवाया, फिर बहुत प्रयास के बाद विधायक शिवानन्द तिवारी के अनुशंसा पर सुनिश्चित रोजगार योजना के तहत महज एक लाख इक्यावन हजार रुपये से पुल की ढलाई हुआ एवं लोहा का पाइप का रेलिंग लगा।

वर्ष 1995 में ग्रामीणों ने चंदा के पैसा से पुल के पाया का निर्माण कराया, एवं उस पर बिजली का पोल रख कर आना- जाना शुरू हुआ था।

गड़हनी गाँव एवं मुख्य सड़क को जोड़ने वाला यह पुल नया बाजार के समीप बनास नदी पर बना है जहाँ से सीधे गड़हनी पुरानी बाजार, शिव मंदिर तक,तीनघरवा,सिहार, बरघारा आसानी से पहुँचा जा सकता है जो आज खतरों से लबरेज है।पुल का ऊपरी हिस्सा,रेलिंग पूरी तरह पिछले कई वर्षों से ध्वस्त है या यूं कहु की कुछ ग्रामीणों द्वारा तोड़ दिया गया था।पुल पर रेलिंग न होने के चलते अक्सर हादसा होते रहता है चाहे गर्मी का मौसम हो या बरसात का।लेकिन इस पुल के ऊपर किसी भी जनप्रतिनिधि या प्रसाशन का नही।पिछले दिन निवर्तमान सांसद आर०के०सिंह ने लोहे के पाइप का रेलिंग लगवा लेकिन बरसात के बाढ़ में वह भी बह गया।ग्रामीण नदी से रेलिंग निकाल कर आधा अधूरा पुल पर रेलिंग को सीमेंट से जाम कर दिया,जो और समस्या खड़ी हो गईं।एक मोटरसाइकिल पर करना या चार पहिया ठेला भी नही पार हो सकता हैं। बरसात के मौषम में नदी उफान पर होती ,नदी अपने आगोश में किसी को बहा ले जाने की क्षमता रखने वाली यह नदी मौत का मुह बाये सामने खड़ी रहती है।पुलिया ऐसा है कि अगर किसी का संतुलन बिगड़ जाए तो वो सीधे नदी में जा गिरेगा।यहाँ के ग्रामीण अक्सर जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाते रहते है कि पुलिया का रेलिंग बनाया जाए लेकिन जनप्रतिनिधि कान में रुई डाल अपना उल्लू सीधा कर चलते बनते हैं।इस पुल से रोजाना हजारो लोगो का आना जाना लगा रहता हैं।गड़हनी के व्यवसायी नया बाजार में अपनी दुकान को चलाते हैं और इसी पुल से आना जाना करते हैं।गौरव की बात यह हैं कि स्कूली बच्चों तथा कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाली छात्राए इसी पुल से आते जाते हैं।डर डर कर छोटे छोटे बच्चे इस पुल को पार करते हैं।हालांकि मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति इसी पुल से आना जाना करते हैं।इस पुल से अबतक सैकड़ो लोग गिर कर अपनी जान गावा चुके हैं।पिछले वर्ष पुल से गिरने के कारण गड़हनी  के वृद्ध टलटल केशरी की मौत हो गई थी।इस पुल से अक्सर रोजाना एक दो साइकल सवार व्यक्ति गिर जाते हैं। 

गड़हनी निवासी आंनद कुमार(बिक्की) ने कहा कि पिछले कई वर्षो से  पुल का रेलिंग टूट जाने के कारण प्रत्येक वर्ष कई लोग नदी में गिर गये है।व्यवसायी उपेन्द्र केशरी बताते है कि सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चे को होती जब वह स्कूल से आते जाते हैं।वही कांग्रेस प्रखण्ड अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने कहा कि जानता के सहयोग से बना पुल है लेकिन विधायक व सांसद से आज तक रेलिंग नही लग सका,लगा भी तो बाढ़ में बह गया।ग्रामीण का कहना हैं की गड़हनी बनास नदी पुल का जब तक चौड़ीकरण नही होगा समस्या बनी रहेगी। चौड़ीकरण की मांग पूर्व  विधायक शिवेश राम,वर्तमान विधायक प्रभुनाथ राम,निवर्तमान सांसद आर०के०सिंह से कई बार किया गया,लेकिन किसी ने एक न सुनी।बतादें की गड़हनी भाजपा के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष अरुण सिंह ने ससंद आर०के०सिंह से कहा था कि गड़हनी प्रखंड के सारा बिकास रोक कर पुल बनाया जाए तकी लोगो को सुविधा मिले, फिर भी सांसद महोदय ने ध्यान नही दिया।स्थानीय बिधायक के द्वारा भी इस विषय पर ध्यान नही दिया।जनता में है आक्रोश का माहौल।

Bunty Bhardwaj
Bunty Bhardwaj
Bunty Bhardwaj is an Indian journalist and media personality. He serves as the Managing Director of News9 Aryavart and hosts the all news on News9 Aryavart.

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