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लड़की होने पर हो रहे बलात्कार तो लड़के होने पर भी हो रहे बलात्कार ?

आरा। रेडक्रॉस के बगल में स्थित मंगलम द वेन्यू में चल रहे अभिनव एवं ऐक्ट द्वारा आयोजित 20 दिवसीय निःशुल्क नाट्य कार्यशाला के नौवें दिन रस के गुर को सिखाया गया। सबसे पहले बच्चो को एक गोले में बैठाकर एक गेम खेलते हुए यह सिखाया की खेल के दौरान भी सबको ध्यानपूर्वक बातों को सुनना चाहिए। इस दौरान आरा के मशहूर रंगकर्मी शैलेंद्र सच्चु ने बच्चों को अभिनय के रस को बारीकी से समझाया। फिर सभी बच्चों ने फिर उस रस पर अलग अलग भाषाओं में अपनी प्रस्तुति देकर सबको चौंका दिया। दरअसल मजे की बात यह थी कि सभी बच्चों को ऐसे भाषा में प्रस्तुति देनी थी जिसका कोई मतलब न हो।

उसके बाद सभी बच्चे ने अजीब अजीब आवाजो व भाषाओं में अभिनय के नौ रसों पर अभिनय कर दिखाया। उसके बाद शैलेन्द्र सच्चु के द्वारा अभिनय के टास्क दिए गए। जो पंद्रह मिनट के अंदर तैयार कर के उसी समय प्रस्तुत करनी थी। जिसमें यह कहा गया था कि एक ही एक्ट में बाल विवाह, भ्रूण हत्या और दहेज प्रथा पर अभिनय को करना था। इसके लिए दो ग्रुप को बांट दिया गया। फिर एक एक कार दोनों ग्रुप ने अपनी प्रस्तितु दी। सभी को दोनों ही टीम का अभिनय पसंद आया, लेकिन रस के गुर को सीखना अभी बाकी है। मौके पर ओपी पांडेय, मनोज श्रीवास्तव व अन्य थे।

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