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चिकित्सको के सम्मान से सेवा के अच्छे विकल्प – डॉ दिनेश

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चिकित्सको के सम्मान से सेवा के अच्छे विकल्प – डॉ दिनेश

आरा। महादेवा हनुमान मंदिर के प्रांगण में शुक्रवार को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर चिकित्सक सम्मान समारोह का आयोजन समिति के अध्यक्ष डा दिनेश प्रसाद सिन्हा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस मौके पर कुल 12 चिकित्सकों को कोरोना काल और आपातकाल में पीड़ितों को उचित मार्गदर्शन तथा आवश्यक सेवा देने के लिए इन्हें अंग वस्त्र,माला,हनुमान जी का फोटोग्राफ्स,पेन देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि में पूर्व प्राचार्या, महिला कालेज प्रो कमल कुमारी ,वार्ड पार्षद रेखा जैन तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व कुलसचिव प्रो ब्रजेश कुमार तथा वाइस चेयरमैन रेडक्रॉस डा निर्मल कुमार सिंह उपस्थित थे।

सम्मानित होने वाले चिकित्सकों में डा प्रतीक कुमार, डा राजीव रंजन, डा विजय गुप्ता,डा मधुकर, डा बाला जी,डा मदन मोहन द्विवेदी,डा के एन सिन्हा,डा दीपक कुमार ,डा सुशील रुंगटा ,डा सागर आनंद,डा आर आर प्रसाद,डि प्रियांशु शरण ,डा लक्ष्मण प्रसाद, विशेष में सौरभ श्रीवास्तव पत्रकार, ओम प्रकाश सिंह अधिवक्ता, आदि रहे। इस मौके पर कोविड-19 के बचाव हेतु यूथ फॉर सेवा की ओर से पर्यावरण प्रेमी आनंद कुमार तथा आदि सिंह आदि द्वारा 40 जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क मिनी दवा कीट वितरित किया गया ।कार्यक्रम हनुमान जी की पूजा अर्चना एवं जय घोष से प्रारंभ हुआ।

संचालित करते हुए डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा ने प्रथम जुलाई के महत्व पर डॉ बिधान चंद्र राय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की डॉ राय उच्च कोटि के स्वतंत्रता सेनानी,प्रसिद्ध चिकित्सक,पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री,भारत रत्न से सम्मानित, पूर्व गवर्नर,पूर्व कुलपति कई विश्वविद्यालयों के संस्थापक,आईएमए के संस्थापक तथा सबसे बड़ी बात कि वे प्रतिदिन 2 घंटा गरीबों को निशुल्क देखते थे और पैसा नहीं रहने पर दवा का भी पैसा देते थे। ऐसे महान पुण्य आत्मा को आज के उनके जन्मदिवस पर याद करते हैं तथा उन्हें श्रद्धा निवेदित करते हैं। वर्तमान दौर में चिकित्सकों के प्रति सामाजिक खटास बढ़ी है, लोग छोटी-छोटी बातों पर चिकित्सकों के साथ अशोभनीय और अमर्यादित व्यवहार करते हैं। वास्तविकता यह है कि चिकित्सक अपना जान जोखिम में डालकर दिन रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं और जान भी बचाते हैं।

इसी कोविड-19 के मरीजों को बचाने में लगभग 1500 चिकित्सकों की जान चली गयी। सर्वशक्तिमान भगवान की सत्ता को कोई अस्वीकार नहीं कर सकता है लेकिन प्रत्यक्षतः चिकित्सक ही भगवान के दूसरे स्वरुप है जो सबकी जान बचाते हैं। इन चिकित्सकों को मान सम्मान मिलना चाहिए,हौसला आफजाई होनी चाहिए तभी तो येअच्छे ढंग से सेवा दे सकेंगे। मर्यादित भाषा और अच्छे संबंध से अच्छे सेवा का विकल्प बनते हैं।

सचिव,आई एम ए,डा मधुकर डा. प्रतीक कुमार,डा विजय गुप्ता,डा राजीव रंजन ने मंदिर समिति द्वारा सम्मान समारोह की भूरी भूरी प्रशंसा की और कहा कि इससे समाज में अच्छा संदेश जाएगा, आपसी सदभाव बढ़ेगा और अच्छी स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त होगी। कार्यक्रम को सफल बनाने में नारद मुनि तिवारी अनूप कुमार रविशंकर मिश्रा आदि की भूमिका सराहनीय रही वहीं धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष श्री नीरज कुमार केसरी द्वारा किया गया।