Home राज्य गांवो में स्थित बैंकों के बाहर उड़ रही है सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

गांवो में स्थित बैंकों के बाहर उड़ रही है सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

0
गांवो में स्थित बैंकों के बाहर उड़ रही है सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

गांवो में स्थित बैंकों के बाहर उड़ रही है सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

https://youtu.be/RHVoWCwd7PU

बुरा हाल शाहपुर के बिलौटी स्थित ग्रामीण बैंक की

भोजपुर | विक्की कुमार त्रिपाठी | छोटे शहरों और गांवों में बैंकों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं और सोशल डिस्टैंसिंग का जैसे मखौल उड़ाया जा रहा हो। वहां इन दिनों बैंक खुलने से पहले ही लंबी लाइन लग रही है ताकि जल्दी से जल्दी रकम को निकाल सकें। बड़े शहरों में इस तरह की कम ही घटनाएं देखने को मिल रही हैं और गांवो में ज्यादा।

पुलिस जवानों को करना होगा तैनात, अन्यथा कोरोना का है खतरा

भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड क्षेत्र के बिलौटी गांव स्थित ग्रामीण बैंक के बाहर जो नजारे देखने को मिल रही है वह अत्यंत दुखदायी है। यहां पुलिस की प्रतिनियुक्ति नही होने के कारण कोरोना का खतरा और भी बढ़ जाता है। बैंक खुलने से पहले ही बाहर लोगो की भीड़ पूरी तरह बढ़ जाती है। हालांकि जिला प्रशासन को कोरोना को रोकने के लिए शहर की तरह ही गांवो में स्थित बैंकों के बाहर पुलिस को तैनात करना चाहिए अन्यथा इस तरह की गांवो में कोरोना के खतरों से निपटना बेहद मुश्किल हो सकता है।

जन धन खाता वालों की है सबसे अधिक भीड़

केंद्र सरकार ने लॉकडाउन शुरू करने के बाद गरीबों को आर्थिक सहायता देने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की घोषणा की थी। इसके तहत जन धन खाता रखने वाली सभी महिलाओं को तीन महीने तक हर महीने 500 रुपए उनके खाते में भेजे जा रहे हैं। साथ ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस कनेक्शन पाने वालों को इस महीने से 3 महीने तक हर महीने एलपीजी के एक रिफिल सिलेंडर का पैसा भी खाते में भेजा जा रहा है ताकि वे पैसे निकालकर अपने डीलर से गैस का सिलेंडर ले सकें। इन दिनों जो भीड़ बैंक में पहुंच रही है, वह ऐसे ही खाताधारकों की है जो अपने खाते से 500 रुपए या गैस सिलेंडर का पैसा निकालने पहुंच रहे हैं।

बैंक में एक बार में 6 ग्राहकों अंदर आ सकते हैं

ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों का कहना है कि उनकी शाखा में एक बार में 6 ग्राहकों को अंदर घुसने दिया जाता है। इनमें से अधिकतर ग्राहक खुद अपना विड्रॉल फॉर्म भी नहीं भर सकते हैं। इसलिए उनसे विड्रॉल फॉर्म भरवा कर यदि हस्ताक्षर करते हैं तो वह करवाते हैं नहीं तो फिर अंगूठा लगवा देते हैं और जांच कर पैसे देते हैं। इन छह ग्राहकों को निपटाने में 15 से 20 मिनट का समय लगता है। उसके बाद इनको बाहर निकाला जाता है, फिर दूसरे ग्राहकों को अंदर बुलाया जाता है। ऐसा इसलिए, ताकि सरकार के सोशल डिस्टेंसिंग के आदेश का पालन किया जा सके।

बाहर सोशल डिस्टेंसिंग का उड़ रहा है माखौल

बैंक की शाखा के बाहर यदि आप देखें तो सरकार के सोशल डिस्टेंसिंग के निर्देशों का माखौल उड़ रहा है। सरकार का कहना है कि लाइन में दो व्यक्ति के बीच 1 मीटर का फासला रखना है, लेकिन वहां इसका पालन नहीं हो पा रहा है। इसका अंदाजा आप फोटो के साथ ही वीडियो देख कर लगा सकते हैं।

हर ब्रांच में है ऐसी स्थिति

बैंक से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ बिलौटी ही नहीं बल्कि ग्रामीण और छोटे शहरों की हर शाखा के बाहर यही माहौल है। लोग प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का पैसा लेने आते हैं। जिनके खाते में किसी कारणवश पैसा नहीं आया है, वह भी रोज पहुंच रहे हैं और रोज पूछते हैं कि उनके खाते में पैसा आया या नहीं आया। इस वजह से बेवजह भीड़ बढ़ रही है।